बहुत दिन ...............
बहुत दिन हो गए तुझसे मिले हुए .....
सच में बहुत दिन हो गए ..........
अब सुबह देर से उठता हु ......
वो तेरा चेहरा ही है जो आके जगाता है मुझे .....
तेरी उंगलियों के स्पर्श से ही पलके खोल पता हु अब भी मै.......
बारिश भी होती है कभी कभी बस होठों पे आके बुँदे सुख जाती है ......
कुछ बातें याद है तेरी कुछ बातें भूल सा गया हु .......
हां सच में बहुत दिन हो गए ......
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