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अक्टूबर 2009


ब्लॉग्स (1)
बहुत दिन हो गए तुझसे मिले हुए .....सच में बहुत दिन हो गए ..........अब सुबह देर से उठता हु ......वो तेरा चेहरा ही है जो आके जगाता है मुझे .....तेरी उंगलियों के स्पर्श से ही पलके खोल पता हु अब भी मै.......बारिश भी होती है कभी कभी बस होठों पे आके बुँदे सुख ... आगे पढ़ें...