pushpesh Pant द्वारा 21 जनवरी, 2009 2:06:00 PM IST पर पोस्टेड
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में खामोश था हर रात की तरह इस रात भी....... बस तेरी तनहायी बातें करती है..... गुनगुनाती है....महकाती है..... कभी आँखों में आकें बिखर जाती है.... कभी बाहों में भर लेती है..... तेरी ये तनहायी इस खामोश रात मे......