इस खामोश रात में आप भी खामोश से लगे मुझे..........
चाँद सितारे तो थे पर आप ना थे..........
धीरे-धीरे रात के साथ तनहाई भी नजदीक आ रही है......
मेरी इस खामोश रात में ना जाने कितनी बातें है आपके लिये........
ओर हा कभी बिखरा भी तो सिमट जाऊँगा आपकी बाहों मै....इस खामोश रात की तरह......
जैसे मैं सिमटता जा रहा हूँ इसमे......
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