Welcome, Guest   [ Register | Sign In | Take a tour | Adult Filter: On ]

मेरे सवाल........

मेरे सवाल ठहर गये..........

कोई जवाब चले ही नही कही से...........

वक्त ने भी धुंद सी बिखेर दी हर राह पे.......

सवाल चलते चलते ही भटक गये ........

फिर ना कोई रास्ता दिखा ना कोई मंज़िल मिली.......

जवाब का इंतजार ही सवाल की तलाश बन गये........

प्रतिक्रियाएँ

Re: मेरे सवाल........
सवालों को उस पंछी के पंख दे दो, शायद जवाब में कहीं से एक खत का टुकड़ा ले ही आये.....
अस्वीकरण