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अक्टूबर 2008


ब्लॉग्स (3)
मैंने देखा है करवट बदलते हुए बादलों को..........बारिश मै भीगते हुए आसमा को.........मैंने देखा है हवा के झोके से पेड़ों की डॉलियो को आपस मै सिमटते हुए........मैंने देखा है पंछीयों को अपनी दिशा बदलते हुए........मैंने देखा है इस रिम् झिम मै भिग्ते हुए खुद के ... आगे पढ़ें...

मेरे सवाल ठहर गये..........कोई जवाब चले ही नही कही से...........वक्त ने भी धुंद सी बिखेर दी हर राह पे.......सवाल चलते चलते ही भटक गये ........फिर ना कोई रास्ता दिखा ना कोई मंज़िल मिली.......जवाब का इंतजार ही सवाल की तलाश बन गये........ आगे पढ़ें...

एक नींद मेरी तलाश में थी..........एक नींद की तलाश में मै था........उस नींद का आने से पहले तय था.......ओर उस तय वक्त में....एक ऐसा पल था जिसे क्या कहे.............कुछ समझ मै नही आता........शायद इसे इंतजार कह दे................. आगे पढ़ें...