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8 जुलाई, 2008


ब्लॉग्स (2)
वो अब तक लौटी नही थी.....ओर उसके इंतजार में अब तक खड़ा था मै वही......जहाँ वो केह गयी थी कुछ देर ठह् रो हम अभी आते है..................... आगे पढ़ें...

तुम कोई भी हो या सबसे अलग्.......किसी शायर की गजल हो..या कल-कल बह्ते झरने का मधुर संगीत.....कली से फूल बनते वक्त का खूबसूरत पल हो...या सितारों की चमक सी शीतल्.......क्या हो तुम ये तुम्हे भी ना पता............. आगे पढ़ें...