मै प्रेम हूँ.........कवियों की कल्पनाओं से परे....,असमान की उचाई आगे.....समुंद्र की गहराई से अधिक...........मै प्रेम हूँ..........नदियों का कल कल बह्ता पानी..., हवा से सरसराती पेड़ों की पतिया......मै प्रेम हूँ.......घने अंधेरे में रोशनी की झलक्...., तेज ...
आगे पढ़ें...