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21 मई, 2008


ब्लॉग्स (1)
मै प्रेम हूँ , सच में मै हार चुका था अपने आप से , पर अभी तक हारा नही था............ मै सोचता हूँ आज में कहीं नही हूँ , कुछ नही हूँ , पर हर जगह मै ही हूँ , सब कुछ मै ही हूँ............क्योक... आगे पढ़ें...