कही पहुँचना का मन करता है..,जहाँ है तु खड़ी मेरे इंतजार में,मेरी तलाश में,या खुद को पाने के लिये.....मुझे तो मुश्किल ही लगता है,अब ओर एक पल तेरे बग़ैर जीना ....पर क्य करूँ जीता हूँ ........मै दुनिया के लिये अब तुझे पाना नही चाहता, पर अपने लिये पा लिया है ...
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