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अप्रैल 2008


ब्लॉग्स (11)
मै कभी गुजरा था किसी राह पर तो जोड़ दिया था मैने उस सफर को तुझसे......अपने सबसे मधुर संगीत के स्वर से, जो था कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है.......वो मै रुक जाया करता था, गाड़ी रोककर जब मेरे मन मै गुंजते थे ये संगीत के स्वर.....ऐसा होता था ,जैसे शब्द बह ... आगे पढ़ें...

मै अब भी सांसे लेता हू इस शहर में, इस धूल भरे शहर में.......... कुछ कम हो गयी है मेरी सांसे अब्, बेचैनी सी होने लगी है मुझे अब इस शहर में......खो दिया है मैने शायद खुद को इस शहर में.......या शायद शहर खो गया है कहीं................... आगे पढ़ें...

कभी जब तुझे दर्द होता था...मै मांग लेता था अपने आप से तेरे दर्द का कुछ हिस्सा...पता नही जब भी माँगता था मिल ही जाता था..... शायद अच्छा ही लगता था मुझे ये सब्........ या ये मेरे ही खयाल का कोई एहसास था.......या दबी हुई मेरी कोई कशिश थी........या शायद ... आगे पढ़ें...